श्रीगंगानगर: जागरूकता-चाइल्ड लाइन ने 1747 प्रकरणों का निस्तारण किया,488 बच्चों को बालश्रम से मुक्त कराया

श्रीगंगानगर: जागरूकता-चाइल्ड लाइन ने 1747 प्रकरणों का निस्तारण किया,488 बच्चों को बालश्रम से मुक्त कराया

बाल अधिकार एवं बाल संरक्षण विषय पर हुई कार्यशाला में हित धारकों ने किया मंथन

श्रीगंगानगर – बाल अधिकार एवं बाल संरक्षण पर चाइल्ड लाइन,तपोवन ट्रस्ट में मंगलवार को हित धारकों की एक दिवसीय कार्यशाला का आयोजन किया गया। इसमें बाल अधिकारिता विषय के बारे में विस्तार पूर्वक चर्चा की गई। चाइल्डलाइन के कोषाध्यक्ष उदयपाल झाझड़िया ने चाइल्ड लाइन की ओर से किए कार्यों से अवगत कराते हुए बताया कि भारत सरकार के महिला एवं बाल विकास मंत्रालय के सहयोग से श्री गंगानगर जिले में 16 अप्रैल 2015 से चाइल्ड लाइन का संचालन किया जा रहा है। इसके बाद से आज तक चाइल्डलाइन ने 1747 प्रकरणों का निस्तारण किया । इसमें बालश्रम एवं भिक्षावृत्ति से संबंधित 630 केस प्राप्त हुए और 488 बच्चों को बालश्रम से मुक्त कराकर बाल कल्याण समिति के समक्ष पेश कर उन्हें समाज की मुख्यधारा से जोड़ा।

वही, बाल विवाह से संबंधित 310 प्रकरणों में 222 बच्चों के बाल विवाह रुकवाये। इसमें भी 88 केस बच्चों के साथ शारीरिक शोषण के प्राप्त हुए, जिसमें 70 केसों में चाइल्ड लाइन की ओर से कार्रवाई कर बच्चों को न्याय दिलाया गया।

कार्यशाला में बाल कल्याण समिति सदस्य मुख्यातिथि आंनद मारवाल, तपोवन ब्लड बैंक अध्यक्ष उदयपाल झाझड़िया,तपोवन ट्रस्ट सचिव सुमेर बोरड़,बाल कल्याण समिति सदस्य वंदना गौड़,विपिन सांखला, मानव तस्करी विरोधी यूनिट प्रभारी सीआई धर्मपाल सिंह,आरपीएफ थाने के थानाधिकारी वीरेंद्र सिंह,मानव तस्करी विरोधी यूनिट से एएसआई रामभज शर्मा,हवलदार गुरबाज सिंह सरां,सिपाही जगजीत सिंह बुट्टर,गैर राजकीय शिशु गृह एवं अनाथ गृह विवेक आश्रम से अंकित मित्तल, हेमंत वर्मा,एस के सेवा समिति से जनकराज बंसल,राजाराम शर्मा,जी. आर.पी.थाने से सतीश कुमार,अपूर्वा गौड़,नरेन्द्र वर्मा,रजत स्वामी आदि उपस्थित थे।
मंच का संचालन तपोवन वरिष्ठजन सेवा समिति के अध्यक्ष मदन लाल जोशी ने किया।

224 बच्चों के परिजनों की जानकारी जुटाकर कराई घर वापसी

चाइल्ड लाइन के जिला समन्वयक त्रिलोक वर्मा के मुताबिक चाइल्डलाइन के शुरुआत के बाद 16 नवंबर 2021 तक लावारिस,घर से भागे हुए,बेघर,बेसहारा और अनाथ बच्चों से संबंधित 275 प्रकरणों में 224 बच्चों के परिजनों का पता लगा कर उनकी घर वापसी कराई है। इनमें से 14 बच्चों के परिजनों का पता नहीं लगा जिन्हें आश्रय के लिए राजकीय किशोर गृह व विवेक आश्रम गृह में रखा गया है। इसके अलावा चाइल्डलाइन ने 155 बच्चों की काउंसलिंग कर उनका भावनात्मक मार्गदर्शन किया और गंभीर रोग दुर्घटना में घायल 377 बच्चों को मेडिकल सहायता भी उपलब्ध कराई है।

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