नगर परिषद ने शुरू किया श्वान नसबंदी अभियान

नगर परिषद ने शुरू किया श्वान नसबंदी अभियान

सभापति करुणा चांडक ने की आम नागरिकों से सहयोग की अपील

श्रीगंगानगर। शहर की सड़कों पर स्वच्छंद विचरण कर रहे श्वानों की संख्या को नियंत्रित करने के लिए नगर परिषद द्वारा श्वान नसबंदी अभियान आरंभ कर दिया गया है। इसके लिए मिर्जावाला रोड़ पर स्थित नंदी शाला परिसर को श्वान शाला में तब्दील किया गया है। श्वानों की नसबंदी के लिए “संतुलन जीव कल्याण” नामक संस्था की टीम भी यहां पहुंच गई है। नगर परिषद सभापति श्रीमती करुणा चांडक ने इस अभियान की सफलता सुनिश्चित करने के लिए आम नागरिकों व श्वान प्रेमियों से सहयोग की अपील की है।

 

सभापति श्रीमती चांडक ने बताया कि नागरिक अपने पालतू श्वानों को घर पर बांध कर रखें तथा सड़क पर विचरण करने वाले बेसहारा श्वानों को पकड़वाने में मदद करें। ताकि आम नागरिकों की सुरक्षा भी सुनिश्चित हो।

सभापति के अनुसार शहर के लगभग समस्त गली- मोहल्लों में बेसहारा श्वानों का स्वच्छंद विचरण है और उनके द्वारा काटे जाने से अनेक नागरिक घायल होने की घटनाएं देखने और सुनने को मिल रही है। गत दिनों एक व्यक्ति की मृत्यु तक हो गई थी। ऐसी घटनाओं को गंभीरता से लेते हुए ऐसे बेसहारा श्वानों की संख्या को नियंत्रित करने की कार्य योजना बनाई गई। वन्य जीव- जंतु कल्याण अधिनियम की पालना सुनिश्चित करने तथा इस कार्य योजना को सुचारू संपन्न करवाने के लिए नगर परिषद द्वारा गत दिनों निविदाएं जारी की गई थी। उन्होंने बताया कि टेंडर प्रक्रिया के दौरान जयपुर के संस्था संतुलन जीव कल्याण की ओर से प्रशिक्षित टीम के माध्यम से यह कार्य करने का अनुबंध पत्र प्रस्तुत किया गया था। संस्था द्वारा राज्य के अन्य शहरों में किए गए इस कार्य की सफलता के दृष्टिगत संस्था को यह कार्य सौंपा गया है। उन्होंने बताया कि संस्था की प्रशिक्षित टीम ने आज गंगानगर पहुंचकर श्वान शाला के लिए प्रस्तावित स्थल मिर्जा वाला रोड स्थित नंदी शाला परिसर का अवलोकन किया और उसे उपयुक्त माना। नगर परिषद द्वारा संस्था की मांग और श्वान नसबंदी सुविधा अनुसार व्यवस्थाएं उपलब्ध करवा दी गई है।

सभापति के अनुसार नसबंदी के लिए उपयुक्त श्वान को शहर से इकट्ठा करने के लिए दो वाहन उपलब्ध करवाए गए हैं। यह अभियान मंगलवार से आरंभ होगा।

सभापति श्रीमती करुणा चांडक ने शहर वासियों और श्वान प्रेमियों से अपना महत्वपूर्ण सहयोग देकर इस अभियान को सफल बनाने का आग्रह किया है। उन्होंने कहा कि नसबंदी के बाद श्वानों को काफी दिनों तक श्वान शाला में रखकर उन्हें पौष्टिक आहार दिया जाएगा। अतः श्वान प्रेमी श्वानशाला पहुंचकर अपनी स्वेच्छा अनुसार श्वानों को पोस्टिक आहार भेंट कर सकते हैं।

 

सीसी कैमरे की नजर में सुरक्षित रहेंगे श्वान

सभापति श्रीमती करुणा चांडक ने बताया शहर से पकड़कर श्वानशाला तक पहुंचाए गए श्वानों की सुरक्षा के पूरे प्रबंध किए गए हैं। इसके लिए श्वानशाला में सीसी कैमरे लगाए गए हैं। जिसकी मॉनिटरिंग नगर परिषद में की जाएगी। उन्होंने बताया कि श्वानों की सुरक्षा को लेकर नगर परिषद पूरी तरह से संवेदनशील है। नगर परिषद द्वारा श्वानशाला में तमाम व्यवस्थाएं चाक-चौबंद की गई है। शवानों की सुरक्षा की लिहाज से श्वानशाला में प्रत्येक एंगल पर सीसी कैमरे लगाए गए हैं। वहां पहुंचने वाले प्रत्येक श्वान की प्रवेश से पूर्व रजिस्टर में एंट्री की जाएगी। इसके बाद ही उसे प्रवेश दिया जाएगा। प्रत्येक स्वान को बाकायदा एक कोड नंबर दिया जाएगा ताकि उसकी पहचान कायम रहे।

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