बोझा ढोने वाले पशुओं से दोपहर में तीन घंटे काम लेने पर रोक

बोझा ढोने वाले पशुओं से दोपहर में तीन घंटे काम लेने पर रोक

जीव जन्तु कल्याण बोर्ड के मनीष सक्सेना के प्रयास रंग लाए

पर्याप्त भोजन, पीने का पानी और आराम का ध्यान रखने के भी आदेश

श्रीगंगानगर, 26 मई। बोझा ढोने वाले पशुओं से दोपहर में 12 बजे से 3 बजे तक घंटे काम लेने पर रोक लगाई गई है। भारतीय जीव जन्तु कल्याण बोर्ड के सदस्य एवं राज्य पशु कल्याण अधिकारी मनीष सक्सेना (जयपुर) के इस दिशा में किए प्रयास रंग लाए हैं। श्रीगंगानगर की अतिरिक्त जिला कलक्टर (सतर्कता) कमला अलारिया ने गत दिवस इस आशय का आदेश जारी करते हुए संबंधित को यह भी निर्देश दिए हैं कि तेज गर्मी वाले इन तीन घंटों के दौरान पशु के पर्याप्त भोजन, पीने के पानी और आराम का भी ध्यान तुरंत प्रभाव से ध्यान रखना शुरू करें।

जिला प्रशासन के इस कदम का स्वागत करते हुए जीव जन्तु प्रेमी डॉ. विकास सचदेवा ने मनीष सक्सेना, जिला कलक्टर रूक्मणी रियार सिहाग एवं अतिरिक्त जिला कलक्टर (सतर्कता)कमला अलारिया का आभार जताया है। अतिरिक्त जिला कलक्टर (सतर्कता) ने सभी उपखण्ड अधिकारियों तथा पशुपालन विभाग के संयुक्त सचिव को दिए इस आदेश की प्रति पुलिस अधीक्षक को भी भेजी है। इतना ही नहीं उन्होंने पशुओं के प्रति कू्ररता रोकने की सक्सेना के प्रयास को प्रभावी बनाने वाले इस नवाचार का क्रियान्वयन सुनिश्चित करने के लिए उठाए गए कदमों की रिपोर्ट भी प्रस्तुत करने का कहा है।

सक्सेना ने जिला प्रशासन से इस बारे में लिखित आग्रह किया था। गौरतलब है कि डॉ. विकास सचदेवा भी पशु क्रूरता की घटनाओं की रोकथाम के लिए काफी समय से सक्रिय है। उन्होंने ऐसे कई मामलों में उच्चाधिकारियों से दोषियों के खिलाफ कार्यवाही का कहा है, पुलिस में मामले भी दर्ज करवाए हैं। ऐसे प्रयासों की कड़ी में पुलिस अधीक्षक करीब छह माह पहले पशु क्रूरता अधिनियम 1960 की अनुपालना के लिए उप अधीक्षक (एससी एसटी सैल) को नोडल अधिकारी नियुक्त कर चुके हैं।

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