मकड़ी के जालों से लेकर काली बिल्ली तक, ये 10 घटनाएं बताती है आपके ऊपर है शनि की अशुभ छाया

शनि ग्रह (Shani Grah) के दोष आपके जीवन में उथल पुथल मचा सकते हैं। यदि शनि का प्रतिकूल प्रभाव आपके घर पर आ गया तो आपको कई दिक्कतों का सामना करना पड़ सकता है। अब एक सवाल ये भी आता है कि हमे कैसे पता चलेगा कि हमारे ऊपर शनि की प्रतिकूल छाया है या नहीं? आमतौर पर इसका पता कुंडली देख लगाया जा सकता है। लेकिन यदि आपकी कुंडल नहीं है या फिर आप इन चीजों के विशेषज्ञ नहीं है तो कुछ आसान संकेतों के माध्यम से भी शनि की अशुभ छाया का अंदेशा लगा सकते हैं।

शनि के बुरे प्रभाव के संकेत
1. पैरों से जुड़ी कोई बीमारी का होना आपके ऊपर शनि के अशुभ प्रभाव का संकेत होता है।

2. यदि आप अपनी क्षमता से अधिक मेहनत करते हैं, लेकिन फिर भी आपको मनचाहा फल नहीं मिलता है तो ये शनि के बुरे प्रभाव का संकेत है।

3. एक के बाद एक बार बार पैसों का नुकसान होना भी शनि की अशुभ छाया का संकेत है।

4. यदि घर में काले रंग के पालतू जानवर जैसे काल कुत्ता या भैंस इत्यादि की मौत हो जाए तो भी ये शनि के प्रकोप की ओर इशारा करता है।

5. यदि आप किसी झूठे आरोप के चलते कोर्ट-कचहरी के चक्कर लगा रहे हैं तो ये भी शनि के प्रकोप का नतीजा हो सकता है।

6. जॉब कर रहे लोगों को शनि की अशुभ दशा के चलते ऑफिस में दिक्कतों का सामना करना पड़ता है।

7. यदि कोई कली बिल्ली अक्सर आपके घर के आसपास रहती है तो ये भी शनि की अशुभ छाया का संकेत हो सकता है।

8. अपनी किसी महंगी चीज को खो देना या उसकी चोरी हो जाना भी शनि की अशुभ दशा की निशानी है।

9. घर के कोनों में मकड़ी का बार बार जाले बनाना या घर में अधिकत चींटियों का आना भी शनि देव की काली छाया पड़ने का संकेत है।

10. यदि घर की दीवार पर बार बार पीपल के पौधे उग रहे हैं तो ये भी शनि की प्रतिकूल दृष्टि की निशानी है।

शनि प्रकोप से बचने के उपाय

1. यदि आप शनिदेव के प्रकोप से बचना चाहते हैं तो आज से रोज हनुमान चालीसा पढ़ना शुरू कर दें।

2. तिल, उड़द, भैंस, लोहा, तेल, काला वस्त्र, काली गौ और जूता जैसी चीजें दान करें। ये चीजें भिखारी, निर्बल-दुर्बल या अशक्त व्यक्ति, सेवकों और सफाई कर्मियों को दान की जा सकती है। काली चीजें जैसे काले चने, काले तिल, उड़द की दाल, काले कपड़े इत्यादि दान करने से भी शनिदेव प्रसन्न होते हैं।

3. शनिवार के दिन एक कटोरी में तिल का तेल लें और उसके अंदर अपना चेहरा देखें। इसके बाद यह कटोरी शनि मंदिर में चढ़ा आएं। यहां शनिदेव को तिल का तेल भी चढ़ाएं।

4. बिना किसी निजी स्वार्थ के गरीब की सेवा करें।

5. केसर, चंदन, चावल, फूल से युक्त जल पीपल की जड़ में चढ़ाएं।

6. शनिवार के दिन तिल का तेल का दीप प्रज्वलित करें और शनिदेव की पूजा पाठ करें।

7. तेल में बना स्वादिष्ट भोजन गाय, कुत्ता और भिखारी को खिलाएं।

8. शनि की प्रतिकूल दृष्टि आपके ऊपर पढ़ रही हो तो मांस मदिरा त्याग दें।

9. प्रत्येक शनिवार शनदेव के सामने बैठ ‘ॐ शं शनैश्चराय नमः’ मंत्र का जाप करें।

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