श्रीगंगानगर: आकृति स्पीच एंड हियरिंग सेंटर पर बच्चों की करवाई जा रही स्पीच थेरेपी

श्रीगंगानगर: आकृति स्पीच एंड हियरिंग सेंटर पर बच्चों की करवाई जा रही स्पीच थेरेपी,
बच्चों में बढ़ रही ऑटिज्म, डाउनसिंड्रोम की समस्या,
ऑक्यूपेशनल थेरेपी, बिहेवियर थेरेपी लैंग्वेज डेवलपमेंट थेरेपी से हो रहा इलाज,
अंध विद्यालय के सामने 17 सेक्टर में आकृति स्पीच एंड हियरिंग सेंटर शुरू हुई सुविधा,


करोना काल के बाद बच्चों की स्पीच में बहुत सी दिक्कत आने लग गई है खास तौर पर 0 से 5 साल के बच्चों में क्योंकि पिछले 2 साल में छोटे बच्चों का घर से बाहर जाना बिल्कुल बंद हो चुका था और घर पर रहने के कारण उसके स्पीच में कोई विकास नहीं हो पाया और वह पूरे दिन मोबाइल फोन से जुड़ कर रह गया जिस वजह से बच्चों के बोलने में बहुत सी समस्याएं आने लगी है और बच्चे अकेले रहना पसंद करने लगे हैं सोशल डेवलपमेंट नहीं हो पा रहा है लोगों से बातचीत करना या दूसरे बच्चों के साथ खेलना उन्हें पसंद नहीं आ रहा और मोबाइल फोन की एक ऐसी लत लग गई है जिस कारण उनका व्यवहार भी चिड़चिड़ा हो गया है और वह अपने माता पिता या बड़ो की बात को सुनकर अनसुना करते हैं इसके साथ साथ बच्चों में और भी बहुत सी समस्याएं आ रही हैं जिसमें लैंग्वेज डिवेलप ना हो पाना सबसे बड़ी समस्या बनती जा रही है

आजकल हमारे पास इन समस्याओं को लेकर आने वाले माता-पिता की संख्या बढ़ गई है उनकी शिकायत यही रहती है कि सर बच्चा बोल नहीं रहा है उसका भाषा विकास नहीं है इस समस्या को ध्यान में रखते हुए अंध विद्यालय के सामने 17 सेक्टर में आकृति स्पीच एंड हियरिंग सेंटर पर बच्चों की स्पीच थेरेपी करवाई जा रही है जिससे बच्चा बहुत जल्द ही अपनी भाषा का विकास सामान्य तरीके से कर लेता है इसके साथ साथ आजकल बच्चों में ऑटिज्म, डाउनसिंड्रोम की भी समस्या बहुत बढ़ रही है खास तौर पर ऑटिज्म क्योंकि इसे छोटी उम्र में पहचान पाना बहुत मुश्किल होता है इसलिए अगर आपका बच्चा अकेला रहना ज्यादा पसंद करता है और उसकी भाषा का विकास नहीं हो पा रहा है तो देर न करें और जल्द से जल्द उसकी स्पीच थेरेपी शुरू करवाएं इन बच्चों के लिए ऑक्यूपेशनल थेरेपी, बिहेवियर थेरेपी लैंग्वेज डेवलपमेंट थेरेपी आदि दी जा रही है

 

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